बिहार में बीते अप्रैल माह में एक बड़ा राजनीतिक परिवर्तन हुआ मुख्यमंत्राी नीतीश कुमार ने अपने ही हाथों से बिहार के नीतीश युग के समापन पर हस्ताक्षर कर दिया। अपने ऐतिहासिक कार्यकाल में बिहार के सर्वाध्कि दिनों तक मुख्यमंत्राी पद पर बने रहने वाले ये पहले मुख्यमंत्राी के रूप मेें नाम दर्ज करा लिया है। इन्हें विरासत में जंगल राज से कुख्यात बिहार मिला था और बिहार…
Read moreबिहार में वैश्य की आबादी 17.81» है। बिहार विधनसभा में आबादी के समानुपात में हमारी 42-43 सीट होनी चाहिए लेकिन अभी मात्रा 29 सीट हैऋ 13-14 सीट पीछे हैं। विगत विधनसभा में विभिन्न राजनीतिक दलों ने 97 सीट दिया, जिसमें मात्रा 29 सीट पर सपफल हुए हैंे। वैश्य से 121 विधनसभा क्षेत्रा में कुल 184 प्रत्याशी बने। प्रत्याशी को प्राप्त मत उनका शक्ति सामथ्र्य का प्रदर्श…
Read moreबिहार में वैश्यों की कुल आबादी 2 करोड़ 32 लाख 96 हजार है, जो बिहार की आबादी का 17.82% है। इस आबादी में निरक्षरों की औसत संख्या 72 लाख 87 हजार 214 ; 31.28% और पांचवी तक पढ़ने वालों की संख्या 52 लाख 81 हजार 366 ;34.13% है। कुल संख्या 1 करोड़ 25 लाख 68 हजार 580 है, जो 65.41% होता है। अर्थात् शिक्षा में आधी से अधिक आबादी निरक्षरों और 5वीं तक पढ़ने वालों की है…
Read more2025 ई., बिहार विधनसभा का चुनावी वर्ष है। विभिन्न दलों से अपने-आप को प्रत्याशी घोषित कराने के लिए और वैश्य विधयक, अगली बार प्रत्याशी होना सुनिश्चित करने के लिए, मार्च से अगस्त के अंतिम दिन तक वैश्य के विभिन्न घटक ने रैली, रैला, महारैला, किया है, कर रहा है। इसमें कुछ रैलियां, सपफल रही, कुछ को सपफल कहा जा सकता है और कुछ सपफलता के पैमाने से कापफी दूर रही। …
Read moreजब - जब विधनसभा चुनाव आता है, उस वर्ष विभिन्न जातियों के विधयक, दावेदार रैली के माध्यम से अपने टिकट को कन्पफर्म करते हैं और नये लोग दावेदारी मजबूत करते हैं। पूर्व में वैश्य जाति के नाम पर अध्किाध्कि टिकट लेने की होड़ मची रहती थी। 2023 ई. में जातिय गणना सार्वजनिक हो गयी। बिहार वैश्य-बनिया समाज के 54 जातियों में मात्रा 12 जाति ही अपने आबादी के दम पर विधनस…
Read moreभारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक व ध्र्मनिरपेक्ष देश है। इस देश की आबादी का लगभग 80% आबादी हिंदुओं का है। हिंदुओं के आराध्य देवताओं में राम का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है, इसलिए राष्ट्रपिता महात्मा गांध्ी ने राम राज्य की कल्पना की थी। भगवान श्रीराम के आदर्श की रक्षा लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा और ध्र्मनिरपेक्षता की भावना को सम्मान करने के लिए हिंदुओं…
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