वैश्य क्रांति पत्रिका के सम्पादक मैं दीपक कुमार पोद्दार आप से मुखातिब हूँ. आज के चर्चा का विषय है ईमानदार और दूरदर्शी नेतृत्व के अभाव में वैश्य-बनिया समूह की जातियाँ. वैश्य-बनिया जाति समूह में नेताओं की भरमार है लेकिन एक भी प्रदेश में नेतृत्व कर्ता नहीं है. खुशी है कि वैश्य-बनिया जाति समूह में विधान सभा स्तर के नेताओं की कमी नहीं है बिहार विधानस…
Read moreवैश्य समाज के घटकीय नेता यानि विभिन्न जाति के तथाकथित नेता अपना होशो - हवाश खोकर "खुद तो डुबेंगे सनम तुम्हें भी ले डुबेंगे" कहावत को चरितार्थ करने के लिए कसम खाये हैं. वैश्य समाज के लोग जो विभिन्न जाति के हैं यदि जाति के नाम पर वैश्य लिखाते हैं और उप जाति में जिस जाति के हैं उसका नाम लिखाते हैं तो बिहार में सर्वाधिक आबादी वाला जाति के रूप में वैश…
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