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गरीब दास तःलन : व्यंग्य - बिहार को मिलेगा योगी बाबा की झलक?

सम्पादक जी महाराज,
    जय हो!
     बिहार विधनसभा चुनाव में एनडीए को अप्रत्याशित सपफलता के उपलक्ष्य में बड़ी ध्ूम-धम के साथ गाँध्ी मैदान में नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्राी पद की शपथ ली। प्रधनमंत्राी नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्राी अमित शाह, कई केन्द्रीय मंत्राी के साथ विभिन्न प्रदेशों के भाजपा सरकार के मुख्यमंत्राी और उपमुख्यमंत्राी उपस्थित होकर नीतीश कुमार को  बधई और शुभकामनाएं दी तथा बिहार की जनता के प्रति आभार जताया। शुक्रिया अदा की।
सम्राट चैध्री उपमुख्यमंत्राी के रूप में शपथ ली। मंत्रिमंडल के बीच मिभागों के बंटवारें में गृह मंत्राी का विभाग मिला। विगत 20 वर्षों से नीतीश कुमार इस विभाग की कमान खुद ही संभाल रहे थे। नीतीश बाबू ने शराब बंदी लागू की लेकिन यह बंदी र्पूणतः सपफल नहीं हुई और यह प्रशासन के लिए चुनौती बनी है। इस चुनौती से       निपटने के लिए शराब शिक्षा और बालू मापिफया को ध्ूल में मिलाने के लिए और कानून व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए सम्राट चैध्री को गृह मंत्राी की कमान सौंपी गयी है।
सम्राट चैध्री की बोल-चाल, चाल-ढाल में जो रोब-रूतबा है वह आम आदमी के बीच आदमी के बुलडोजर लगते हैं, दिखते हैं। अब यह बुलडोजर गृह विभाग को मिल चुका है। अब यूपी के योगी बाबा के तर्ज पर अपराध्यिों, मापिफयों पर बुलडोजर चलेगा, अतिक्रमण जिस रूप में हो, उसे मिट्टी में मिलाया जाएगा। आज कानून-व्यवस्था ठीक-ठाक मानी जा सकती है लेकिन कानून का भय जो होना चाहिए, वह नहीं दिखता है। इसलिए आपसी झगड़ों में खून-खराबा होता है, लोगों की जाने जाती है। कानून का भय होने से ऐसी घटनाओं पर भी लगाम लगेगी, सड़क जाम की व्यवस्था के सुधर में, अब ट्रैपिफक पुलिस मोबाइल चलाते नहीं दिखेगा।
बिहार मे पूँजीनिवेश की वायदा सरकार को पूरा करना है, बिहार में उद्योग लगाने की वायदा केन्द्र और राज्य सरकार ने की है इसके लिए कानून व्यवस्था में बिहार को एक उदाहरण बनना होगा इसके लिए सख्ती बहुत आवश्यक है। सम्राट चैध्री पूंजीपतियों में भरोसा पैदा करेंगें।

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