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टहलन की कलम से : चकाचक

सम्पादक जी महाराज,
    जय हो!
चुनाव आयोग नेे बिहार विधनसभा चुनाव दो चरण में 6 नवंबर और 11 नवंबर को कराने की घोषणा की है। ज्ञात हो कि 20 अक्टूबर को दिपावली और 28 अक्टूबर को छठ पूजा है। इस बार प्रत्याशियों की भीड़ छट घाट पर लगेगी। सारे छठ घाट चकाचक रहेंगे और आने जाने वाले मार्गों की भरपूर सजावट रहेगी। इस बार परवैतिन के जय-जयकारा का सारा घाट गुंजायमान होगा। नीतीश बाबू ने पहले ही छक्का मार चुके हैं। इस बार परवैतिन के लिए अच्छी-अच्छी साडि़यां के साथ बड़ी संख्या में नगद राशि भी मिलेगी। नारियल, केताड़ी ;गन्नाद्ध पफल आदि बांटने में प्रतियोगिता छिड़ेंगी। कद्दू की बड़ी संख्या में थोक खरीददारी कर बांटा जाएगा। परवैतिन की सेवा में कोई आचार संहिता नहीं लगेगी।

गरीब दास टहलन की आशा है कि परवैतिन के साथ ही श्रद्धालुओं के स्वागत की भी अच्छी व्यवस्था होगी। प्रत्याशियों के द्वारा चाय, पकौड़ा और भरा कचैड़ी, चाउमीन, बर्गर, गुपचुप आदि मुफ्रत में खिलाने की शानदार व्यवस्था होगी। छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए शानदार और अभूतपूर्व व्यवस्था का ऐसा सुअवसर संभवतः पहली बार देखने को मिलेगा। सत्तारूढ़ दलों और प्रमुख विपक्षियों को शायद कार्यकत्र्ताओं की कमी होगी, लेकिन नवोदिन राजनीतिक दल के जो कार्यकत्र्ता हैं, वे पार्टी के प्रति वपफादारी दिखाने में उतनी भूमिका नहीं निभा सकेंगे, जितना उन्होंने चाहा होगा।
30 अक्टूबर से 4 नवंबर तक प्रथम चरण वालों को 9 नवंबर तक ही प्रचार कर सकेंगे। सीमांचल में प्रचार के लिए ओवैसी का बल्ले-बल्ले रहेगा। इसका प्रभाव राजद और भाजपा के लिए क्या होगा, यह तो चुनाव परिणाम के बाद ही पता लगेगा?

चुनाव आयोग छठव्रतियों और श्रद्धालुओं के मान-सम्मान का दरवाजा खोल दिया, उसने जान-बूझकर ऐसा नहीं है, यह संवैधनिक विवशता के कारण हो सका है। 

इस चुनाव में चुनाव प्रबंध्न में भीड़ जुटाने वालों की अग्नि परीक्षा होगी, लेकिन इसी बहाने सरकार किसी के बने वे मालोमाल होंगे, बहुत सरे माल समेटने वाले इस ताक में रहते हैं। बिल्ली के भाग्य से छींका टूटा है। आखिर वक्त के नजाकत के मद्देनजर वे अपना पाकिट गरम करते हैं, यह भी अपने आकाओं से ही सीखा है। मतलब निकल गया तो पहचानते नहीं का हिसाब-किताब करने का यह मौका है। बहुत सारे इस सुअवसर का लाभ लेंगे ही। एक कहावत है, चिडि़यां चुग गयी खेत, चिडि़यों के चुगने का वक्त है।

मतदाताओं के करिश्मा का पता तो 14 नवंबर को चलेगा। चाचा नेहरू के जन्म दिवस पर। बिहार पर भगवान की कृपा बनी रहे।

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